सपा को हार में भी मिली बड़ी जीत, समझें कैसे अखिलेश ने खींच दी मुलायम से भी बड़ी लकीर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के चुनावी नतीजों ने प्रदेश की राजनीति के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। एक तरफ जहां योगी आदित्यनाथ पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सत्ता में लौटने वाले पहले मुख्यमंत्री बने तो अखिलेश यादव की अगुआई में सपा भले ही बहुमत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन वोटों के मामले में यह उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

भाजपा ने 2017 के वोटर शेयर में इजाफा किया है। वहीं, समाजवादी पार्टी के वोट शेयर में भी करीब 10 फीसदी का उछाल आया है, जबकि सपा और कांग्रेस को इस मामले में नुकसान उठाना पड़ा। बीजेपी को 2017 में 39.7 फीसदी वोट मिला था, जबकि इस बार पार्टी को 41.6 फीसदी वोट मिले हैं।

सपा की बात करें तो पार्टी को 2017 में 21.8 फीसदी वोट शेयर मिले थे और अखिलेश इस बार पार्टी को 32 फीसदी वोट दिलाने में कामयाब रहे। भले ही सपा बहुमत से काफी दूर रह गई, लेकिन अखिलेश ने पार्टी को उसके इतिहास का सबसे बड़ा जनाधार दिलाया है। इससे पहले किसी विधानसभा चुनाव में सपा को इतने वोट नहीं मिले थे। यादव-मुस्लिम की पार्टी कही जाने वाली सपा को इस बार दूसरी जातियों-समुदायों के वोट भी जमकर मिले।

बसपा का वोट शेयर 22.2 फीसदी से घटकर 12.7 फीसदी हो गया। कांग्रेस 6.3 फीसदी से घटकर 2.4 फीसदी पर रह गई, जोकि रालोद के 3 फीसदी से कम है। सीटों की बात करें तो भाजपा गठबंधन को 273 सीटों पर जीत मिली है तो सपा गठबंधन 125 सीटें जीतने में कामयाब रहा। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं तो बसपा महज 1 सीट पर जीत पाई, अन्य के खाते में 2 सीटें गई हैं।