आबादी 18-19%, लाभ 35 फीसदी; अल्पसंख्यकों से भेदभाव पर CM योगी आदित्यनाथ का जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए अपनी सरकार के काम गिनाए और बताया कि किस तरह प्रदेश में विकास की गति और टैक्स कलेक्शन में तेजी आई है। उन्होंने आजादी के समय के यूपी के बजट और सपा सरकार के दौरान के आंकड़ों की अपनी सरकार के बजट से तुलना भी की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अल्पसंख्यकों से भेदभाव के विपक्ष के आरोप पर भी जवाब दिया और बताया कि किस तरह अल्पसंख्यकों को आबादी के अनुपात से अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ कन्नौज को लेकर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवाल पर कहा कि उनकी सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है। बिजली दी तो सबको दी, विकास किया तो सबका किया। सबका साथ सबका विकास, यह हमारा विजन है। हमने हर जिले के लिए कार्ययोजना बनाई। इस दौरान विपक्ष से किसी ने समुदायों से भेदभाव को लेकर टिप्पणी की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा, ”सभी समुदाय के लिए भी। जब हम पीएम आवास योजना या कल्याणकारी योजनओं की बात करते हैं, साढ़े 43 लाख आवास बने हैं, इनमें किसी भी योजना का, जोभी हमारी योजनाएं हैं, यूपी में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी 18-19 फीसदी है। लेकिन योजनाओं का लाभ 35 फीसदी से अधिक लिया गया है। बकायदा उनके नंबर और नाम हैं। यदि आप चाहेंगे तो उन योजनाओं के बारे में मैं आपको पूरी सूची दे दूंगा।

सीएम योगी ने आगे कहा, ”उत्तर प्रदेश के नागरिक के हितों के लिए काम करना हमारा नैतिक दायित्व है। हम उसके हितों के लिए काम करेंगे। मैंने पहले ही भाषण में कहा था कि विकास में किसी से भेदभाव नहीं होगा। विकास सबका, लेकिन तुष्टिकरण नहीं करेंगे। कोई यह नहीं कह सकता है कि पीएम आवास योजना की सूची या स्वच्छ भारत योजना में उनका नाम आया था और मना कर दिया गया। जाति-मजहब देखकर मना कर दिया गया। प्रदेश में कोई ऐसा नहीं कह सकता। राशन की योजना में भी, हमने कहा कि जिसके पास राशन कार्ड नहीं है, उसका कार्ड बनाओ। मेरे सामने बात आई है तो मैंने कहा कि प्रावधान करो। मैंने कहा कि कोटा नहीं तो कोटा क्रिएट करो।