महिला आयोग ने सुना महिलाओं का दुःख दर्द

अब्दुल अज़ीज़

बहराइच, यूपी

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम और पीडि़त महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए जनसुवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोग हर महीने के पहले बुधवार को ये कार्यक्रम आयोजित करता है। इस बार ये कार्यक्रम बहराइच के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष ज़रीना उस्मानी, सदस्य रूकईया बानों ने वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जनपद के 20 प्रकरणों की सुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान आये 20 नये प्रकरणों के सम्बन्ध में पीडि़त पक्ष को सुनने के बाद मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। बैठक में ज़िला पंचायत सदस्य असद रकीम भी मौजूद रहे।

जनसुनवाई के दौरान आयोग में थाना दरगाह अन्तर्गत रूबी खातुन पुत्री मो. असलम, सुनीता देवी पत्नी सियाराम, शकुन्तला पत्नी ललऊ, थाना हरदी अन्तर्गत सकटु गुप्ता पुत्र दुलारे गुप्ता, थाना कोतवाली देहात अन्तर्गत गुलशन जहां पुत्री जलील खां, थाना कोतवाली बहराइच अन्तर्गत अनीता शर्मा पुत्री हीरा लाल शर्मा, राजकुमारी पत्नी कैलाश कुमार, फात्मा पत्नी हलीम अहमद, अजय कुमार वैश्य पुत्र ओमकार लाल, शशिबाला विश्वकर्मा पत्नी कैलाश, का मामला सामने आया। इसके अलावा भी कई मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। आयोग ने कई मामलों में आख्या भी मांगी है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ज़रीना उस्मानी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी थानों पर महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई प्राथमिकता पर की जाय ताकि उन्हें त्वरित गति से न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और महिला उत्पीड़न से सम्बन्धित कोई भी प्रकरण संज्ञान में आने पर तत्काल कार्यवाही की जाय।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर दिनेश त्रिपाठी, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर अखण्ड प्रताप सिंह, रिसिया के तारकेश्वर प्रसाद पाण्डेय, नानपारा के अजय भदौरिया, महसी के अजेय कुमार शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार यादव, महिला थानाध्यक्ष सुश्री सरोज, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. अमरकान्त सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी डीके सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।