हम फिरकापरस्त नहीं हैं वतन परस्त हैं: असदुद्दीन ओवैसी

संभल, यूपी

एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हम गरीब, मज़लूम पर ज़ुल्म का विरोध करके उसके हक की आवाज बुलंद करते हैं। हमारी पार्टी और हम पर फिरकापरस्ती की तोहमत लगाई जाती हैं। हम फिरकापरस्त नहीं है बल्कि हम वतन परस्त हैं। हमारी कौम ने वतन परस्ती में हमेशा अपनी जान दी है।

ज़िले के नगर पालिका मैदान में पार्टी उम्मीदवार ज़ियाउर्रहमान बर्क के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए एमआईएम अध्यक्ष असदउददीन ओवैसी ने ये बातें कहीं। इस रैली में भारी भीड़ जुटी। पश्चिम यूपी में ओवैसी लगातार अपनी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। एमआईएम ने चुनिंदा सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

सांसद ओवैसी ने कहा कि बीजेपी और सपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यूपी के सीएम अखिलेश यादव से उन्होंने 12 सवाल पूछे और कहा रैली में मौजूद लोगों से कहा कि इसका जवाब सीएम जब संभल आएं तो ज़रूर मांगना। ओवैसी ने कहा कि सीएम अखिलेश बताएं कि उनके पिता कहां हैं। हर जगह विकास करने और लैपटॉप बांटने का दावा किया जाता है तो यह भी बताएं कि चुनाव में जब सबको लैपटॉप देने का वादा किया था तो देते वक्त शर्त लगाकर कुछ को ही बच्चों को क्यों दिया?

सांसद ओवैसी ने कहा कि पिछले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने मुस्लिमों को 18 फीसदी आरक्षण का वादा किया था। सीएम अखिलेश ये बताएं कि सरकार बनने के बाद उसे भुला क्यों दिया। इस मसले पर संविधान की अड़चन का बहाना लिया गया जबकि सरकार कमीशन का गठन कर इस काम को आगे बढ़ा सकती थी लेकिन क्या वजह थी कि सीएम ने ऐसा नहीं किया।

असदुद्दीन औवेसी ने रैली में कुछ आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि सीएम अखिलेश ने 4 लाख 60 हज़ार नौकरियां देने का वायदा किया गया था। सभी जाति धर्म के लोगों को सरकार नौकरियां देती तो बेरोजगारी कम होती मगर सरकार ने ये भी वायदा नहीं निभाया। मुस्लिम बच्चों के वजीफे की रकम में चार सौ करोड़ कम कर दिए गए आखिर क्यों। मदरसों की मदद के लिए बजट में भी 80 करोड़ कम दिए गए। ओवैसी ने सवालिया लहज़े में कहा कि आखिर मुसलमानों से जुड़ी योजनाओं का पैसा ही कम क्यों किया जा रहा है।

सांसद ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का विकास केवल सैफई में बोलता है। सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि 12 को अखिलेश मेरी बातों का जवाब दें मैं 13 फरवरी को संभल आऊंगा।

संभल बदहाल क्यों
संभल की बदहाली का मुददा ज़ोरशोर से उठाते हुए औवेसी ने कहा कि प्रदेश में साक्षरता दर 57 फीसदी है मगर संभल में महज़ 40 प्रतिशत लोग पढ़े लिखे हैं। यहां के अस्पताल में डाक्टरों के 17 पद खाली हैं और गरीब के बच्चों को दवा का कोई इंतजाम नहीं है। आखिर ऐसा क्यों हैं। जब विकास हुआ है तो यहां का विकास क्यों नहीं हुआ। पिछले पांच साल में यहां कोई काम नहीं हुआ।

मलाई खा रहे हैं विधायक
ओवैसी ने कहा कि संभल की जनता ने जिन्हें चुना उन्होंने चुनाव जीतने के बाद अपनी जुबान सिल ली। इसीलिए ज़िला मुख्यालय को लेकर संभल के साथ नाइंसाफी कर दी गई। जब जनता विश्वास के साथ चुनाव जिताकर भेजे तो मलाई खाने के बजाय जनता के हक के लिए जुबान खोलनी चाहिए।

किसानों के मुद्दे
ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों पर खुल कर बात रखी। ऐसा लग रहा था कि वो खूब तैयारी करके और स्थानीय मुद्दों को पूरी तरह समझकर आं हैं। संभल के आलू किसानों की समस्या पर भी औवेसी ने कहा कि यहां का किसान बहुत परेशान है। आलू को बाहर भेजने के साथ ही किसानों को फसल का सही दाम दिलाने का इंतजाम होना चाहिए।

रैली में भारी भीड़ जुटी
रैली को यहां से चार बार सांसद रहे डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान आज भी अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। इसके अलावा प्रदेस अध्यक्ष शौकत अली, ममलूकुर्रहमान बर्क, ज़याउर्रहमान बर्क, शहजाद खां, शरफ अली, मुवस्सिर अली खां समेत कई नेताओं मे भी अपने ख्याल रखे।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी की रैली के लिए ज़िला प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए थे। इस दौरान रैली स्थल और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पुलिस कर्मी यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए जूझते रहे। खुफिया एजंसियां लगातार निगाहें रखी हुई थी। एसडीएम और सीओ भी रैली के शुरू होने से लेकर खत्म होने तक हालात पर कड़ी निगाह बनाए रहे।