उलेमा कौंसिल की पांच रैली, तैयारियां ज़ोरो पर

आज़मगढ़, यूपी

राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल जनता के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है। पार्टी आज़मगढ़ और जौनपुर में पांच रैली करने रही है। ये रैली यूपी के चार रजानीतिक दलों के गठबंधन ‘यूपी इत्तेहाद फ्रंट’ के बैनर तले होगी। सभी जगहों पर रैली की तैयारी ज़ोरो पर चल रही है। ये रैली आज़मगढ़ के सरायमीर, शहर में तकिया मोहल्ला, बिलरियांगंज, माहुल और जौनपुर के उसरहटा इलाके में होगी।

यूपी में विधान सभा चुनाव 2017 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक दल अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। आज़मगढ़ और आसपास के ज़िलों में अपनी पकड़ रखने वाली राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने आज़मगढ़ में चार और जौनपुर में एक रैली करने का कार्यक्रम बनाया है। रैली की शुरुआत 5 सितंबर से हो रही है। पार्टी ने 5 सितंबर को दिन में खरेवां मोड़, सरायमीर में रैली का आयोजन किया है, जबकि उसी दिन आज़मगढ़ शहर के मुसाफिर खाना तकिया में शाम को रैली होगी। 6 सितंबर को दिन में बिलरियांगंज में रैली का कार्यक्रम है, तो शाम को जौनपुर ज़िले के आज़ाद मैदान उसरहटा, शाहगंज में रैली प्रस्तावित है। 7 सितंबार को एक रैली दिन में माहुल बाज़ार में होनी है।

इन पांचों रैली में इत्तेहाद फ्रंट के सभी बड़े नेता शामिल होंगे। इसमें राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के अध्यक्ष आमिर रशादी मदनी, इंडियन नेशनल लीग के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान, परचम पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सलीम पीरज़ादा और वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ कासिम रसूल प्रमुख हैं। परचम पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने बताया कि वह रैली में शामिल होने के लिए कल ही अलीगढ़ से आज़मगढ़ के लिए निकल चुके हैं। इन रैलियों को पंचायत चुनावों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल पंचायत चुनाव करीब है और पार्टी से जुड़े लोगों का मानना है कि इन रैलियों से पार्टी को पंचायत चुनावों में फायदा होगा।

मालूम हो कि यूपी इत्तेहाद फ्रंट ने 25 अगस्त को लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के अध्यक्ष आमिर रशादी मदनी, इंडियन नेशनल लीग के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान, और आयोजक परचम पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सलीम पीरज़ादा शामिल हुए थे, लेकिन वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ कासिम रसूल किन्हीं वजहों से प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं हो पाए थे। इसमें फ्रंट ने केंद्र और राज्य सरकार की गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात कही थी। ये रैली उसी आंदोलन का हिस्सा है। इसके बाद फ्रंट की अन्य ज़िलों में भी रैली होगी।