सपा सरकार में बिजली मांगने पर रोज़ेदारों पर मुकदमा

जौनपुर, यूपी

ज़िले के सबसे बड़े गांव में मानीकलां में रमज़ान में बिजली सप्लाई की मांग करना स्थानीय निवासियों को महंगा पड़ गया। सपा सरकार के बिजली विभाग ने 75 रोज़ेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हैं। रोज़ेदारों पर आरोप लगाया गया है कि इन्होंने बिजली बिल की वसूली करने गए कर्मचारियों को बंधक बनाया। मामला थाना खेतासराय में दर्ज हुआ है।

दरअसल पूरा मामला मानीकलां गांव से जुड़ा हैं। यहां पिछले ढाई महीने से एक ट्रांसफार्मर खराब है। इस वजह से गांव के अधिकांश हिस्से में बिजली नहीं आ रही थी। इसे बदलने के लिए स्थानीय निवासी लगातार बिजली विभाग के लाइनमैन, जेई और एसडीओ को सूचना दे रहे थे। यहीं नहीं लोगों ने कई बार जाकर मुलाकात की लेकिन ट्रासफार्मर नहीं बदला गया।

24 जून को बिजली अधिकारियों के न सुने जाने से नाराज़ ग्रामीणों ने बिल वसूली करने आए विभाग के दो कर्मचारियों को सांकेतिक रूप से दो घंटे के लिए बंधक बना लिया। विभाग के अधिकारियों ने तुरंत ही थाने में तहरीर दे दी जबकि ग्राम प्रधान के कहने पर कर्मचारियों को पहले ही छोड़ दिया गया था। बंधक के समय कर्मचारियों को मिठाई खिलाई गई और कोल्डड्रिंक दी गई। कर्मचारियों के नाम विनोद और रितेश था।

स्थानीय जनता का कहना है कि जेई और एसडीओ की मिलीभगत से यहां अवैध वसूली का धंधा खूब चल रहा है। बिजली खराब होने पर कई बार फोन करने पर भी लाइनमैन नहीं आता। लाइनमैंन ने काम करने के लिए रेट तय कर रखा है। तार गिरने पर 3 सौ से 5 सौ रूपये, जम्फर जोड़ने पर 4 सौ से 5 सौ रूपये लिये जाते हैं। 11 हज़ार बोल्ट का तार गिरने पर 8 सौ से 1 हज़ार रूपये लिये जाते हैं। नया ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 10 हज़ार रूपये लिये जाते हैं। इस बार भी विभाग के कर्मचारी भोला ने 10 हज़ार रूपये लिए थे। कर्मचारी का कहना है कि ये पैसे सभी को बांटे जाते हैं।

पीएनएस ने जब इस मामले में जेई और एसडीओ को फोन किया तो कई बार घंटी बजने के बाद भी फोन नहीं उठा। जेई ने दो दिन बाद रिस्पांस किया और एसडीओ ने चौथे दिन फोन पर जवाब दिया। गांव में बिजली के तार कई साल पुराने लगे हैं। इन तारों में जगह-जगह जोड़ हैं पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अवैध वसूली में लिप्त हैं।

इतना सबकुछ होने के बाद भी स्थानीय विधायक कहीं नज़र नहीं आए। सपा से टिकट पाए उम्मीदावर भी गायब हैं। स्थानीय जनता इससे बेहद नाराज़ है। सबसे खास बात ये है कि ऊर्जा मंत्री शैलेंद्र यादव ललई इसी ज़िले की शाहगंज सीट से विधायक हैं। अब सवाल से है कि जब मंत्री जी के ज़िले का ये हाल है तो बाकी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। एक तरफ तो प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव रमज़ान में ज़्यादा बिजली देने का दावा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बिजली मांगने वालों पर मुकदमा दर्ज हो रहा है। अब सरकार जल्द नहीं चेती तो अगले चुनाव में उसे जनता जवाब देगी।