जौनपुर में थानेदार की गुंडई से मुस्लिम घर छोड़ने पर मज़बूर

जौनपुर, यूपी

यूपी में बीजेपी की सरकार आते ही पुलिसिया ताण्डव शुरु हो गया है। नई सरकार के आदेश के नाम पर पुलिस मुसलमानों के घर दबिश दे रही है। पुलिस न सिर्फ लोगों को परेशान कर रही है बल्कि उनके घरों ने बिना सर्च वारंट के घुस रही है और गाड़ियां, कपड़े और कीमती सामान उटा ले जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई पीड़ित कई मुसलमान परिवार अपना घर छोड़ने पर मज़बूर हो गए हैं। दूसरी तरफ शिकायत के बाद भी थानेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

सूबे में बीजेपी की सरकार आने के बाद जहाँ एक तरफ़ सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को चाक चौबंद व्यवस्था करने और सबके न्याय देने की बात कर रही है वहीं जौनपुर ज़िले के खेतासराय थाने की पुलिस इसके बिल्कुल उल्टा काम कर रही है। खेतासराय नगर पंचायत समेत आसपास के इलाकों में यहां के थानेदार मिथलेश कुमार मिश्र ने आतंक का माहौल बनाना शुरु कर दिया है। थानेदार मिथलेश कुमार ने मुसलमानों में इस कद्र भय का माहौल बनाया है कि कई परिवार घर छोड़ कर भागने पर मज़बूर हो गए हैं।

क्या है पूरा मामला
प्रदेश की नई सरकार ने अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खाने और दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। इस मामले में सरकारी विभाग अपनी कार्रवाई कर रहे हैं। लोगों ने भी सरकार के फैसले में सहयोग किया हैं। कहीं भी ऐसा देखने को नहीं मिला जहां इसका विरोध हुआ हो। स्थानीय खेतासराय और आसपास के गांव में भी कई छोटी-छोटी दुकानें चलती थी। ये दुकानें सिर्फ मुसलमानों की नहीं थी बल्कि दूसरे धर्मों के लोग भी चलाते थे। इससे गरीब परिवार वालों का पेट बरता था। सरकार के फैसले के बाद एक तरफ उनके सामने रोज़ी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है।

थानेदार की गैर-कानूनी कार्रवाई
रोज़ी-रोटी बंद होने से परेशान परिवार वालों के लिए स्थानीय थानेदार मिथलेश कुमार ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। यहां पुलिस वाले बगैर किसी आदेश के लोगों के घरों में घुस रहें हैं और गाड़िया समेता दूसरे सामान उठा ले जा रहे हैं। इसमें सिर्फ मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। थानेदार ने इसे अवैध वसूली का ज़रिया बना लिया है। दूसरी तरफ दिन भर दबिश दी जा रही है और परेशान किया जा रहा है। खेतासराय के मोहल्ला चौहट्टा पर प्रशासन ने माँस की दुकानें बँद करवा दी जिसके बाद सभी दुकानें बंद है, लेकिन हर दूसरे दिन पुलिस मोहल्ले में छापेमारी करती है।

स्थानीय पुलिस बगैर महिला पुलिस के लोगों के घरों में धुस रही है। पुलिस के खौफ से दर्जनों नौजवान घर छोड़ कर गायब हो गए हैं। इन्हें डर है कि कहीं पुलिस कही किसी मुक़दमें में ना फँसा दे। पुलिस गुरैनी, मानीकलां, जमदहां समेत कई गांवों में भी खास वर्ग को लोगों को निशाना बना कर दबिश दे रही है। पुलिस की कार्रवाई से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल रहा है।

थानेदार का विवादों से नाता रहा
स्थानीय थानेदार मिथलेश कुमार मिश्र की तैनाती अभी तीन महीने पहले ही हुई है। पिछली सरकार ने अपने रसूख के चलते उन्होंने कमाऊ थाना खैतासराय पर पोस्टिंग ली थी। दरअसल खेतासराय के बारे में कहा जाता है कि ये थाना जौनपुर में सबसे ज़्यादा कमाऊ है। मिथलेश कुमार आते ही लोगों को परेशान करना शुरु कर दिया। बिजली विरोध के मामूली केस में उन्होंने मानी कलां के कई लोगों को परेशान किया जबकि खुब विभाग उस केस को वापस लेने के लिए तैयरा था। जानवरों के अवैध व्यापार के नाम पर भी खूद लोगों को परेशान किया था। अंदाज़ा लगाया जा ससकता है कि आखिर क्यों परेशान किया जा रहा है।

थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पुलिस की तानाशाही के खिलाफ स्थानीय लोग लामबद्ध हो रहे हैं। कई लोगों ने इस मामले पर बड़े अधिकारियों से शिकायत की है। थानेदार की एकतरफ कार्रवाई के चलते लोगों में आक्रोश फैल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही इस मामले को संज्ञान में नहीं लिया तो मामला गंभीर हो सकता है।

1 COMMENT

  1. House driver hu sir lekin mujhse camel charwaya jata h or kapheel 1300 riyal kaat kar mera ruksa or ekama banwaya h or mujhe marte bhi h
    Dawadmi

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