शीला दीक्षित का उलेमा कौंसिल ने किया ज़ोरदार विरोध

मोहम्मद शारिक ख़ान

जौनपुर, यूपी
सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस पूरे यूपी में जन संदेश यात्रा निकाल रही है। ये यात्रा “27 साल यूपी बेहाल” नाम से निकाली गई हैं। ये यात्रा आज जैसे ही ज़िले के शाहगंज में पहुंची, इसका ज़ोरदार विरोध हुआ। यहां मौजूद राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की पूर्व सीएम और यूपी की सीएम पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित का ज़ोरदार विरोध किया और जमकर नारेबाज़ी की।

दरअसल दिल्ली में 19 सितंबर 2008 में जामिया नगर इलाके में बटला हाउस इनकाउंटर हुआ था। इस इनकाउंटर को उलेमा कौंसिल फर्जी बता रही है। उस समय दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित थी। कौंसिल का आरोप है कि दिल्ली सरकार को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस ने फर्जी इनकाउंटर किया था। इसमें आज़मगढ़ के दो लड़के और एक पुलिस इंसपेक्टर की मौत हुई थी।

कांग्रेस की जन संदेश यात्रा जैसे ही शाहगंज नगर के रामलीला भवन के आगे इराकियाना चौराहे पर पहुंची। इसी दौरान उलेमा कौंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष नूरुल हुदा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता रोड पर आ गए। इन लोगों ने सड़क जाम कर दी और जन संदेश यात्रा में मौजूद नेताओं को काले झंडे दिखाए। उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठ गए और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।

पुलिस और जन संदेश यात्रा के साथ चल रहे सुरक्षा कर्मियों ने काफी जद्दोजहद के बाद उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं को जबरन उठाया। इस दौरान कांग्रेस और उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई और बाद में तीखी झड़प भी हुई। स्थानीय पुलिस कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बीच बचाव किया। कौंसिल के कार्यकर्ताओं ने बटला हाउस इनकाउंटर के लिए शीला दीक्षित को ज़िम्मेदार बताया।

इसके बाद जन संदेश यात्रा का काफिला खेतासराय पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। गुरैनी में शीला दीक्षित ने कांग्रेस के कैम्प कार्यालय का उद्घाटन भी किया। कांग्रेस का ये काफिला फिर जौनपुर के लिए निकल पड़ा। काफिले में प्रचार कमेटी के चेयरमैन संजय सिंह समेत कई स्थानीय नेता मौजूद थे।