सरायमीर के मदरसा बैतुल उलूम में तीन दिन का जलसा

आजमगढ़, यूपी

समाज में लोगों के बीच जाकर उनकी सेवा करना और उनके दुख-सुख में शामिल होने से मन को जो सुकून मिलता है वह दूसरे कामों में नहीं मिलता। ये बातें मशहूर मुफ्ती अब्दुल्लाह फूलपूरी ने कहीं। वो आज ज़िले के मशहूर मदरसा अरबिया बैतूल उलूम, सरायमीर के वार्षिक तीन दिवसीय जलसे में तकरीर कर रहे थे। इस जलसे की शुरुआत बुध के रोज़ हुई। इस मौके पर देश भर से आये तमाम आलिम, और समाज से जुड़े हुए लोग जुटे हैं।

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मुफ्ती अब्दुल्लाह ने कहा कि अल्लाह ने मर्द और औरत कोनेकी कमाने के लिए दुनिया में भेजा है। उन्होंने कहा कि हमें हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और हर तरह से नेकी कमाना चाहिए। मुफ्ती अब्दुल्लाह ने कहा कि आज का इसान दौलत के पीछे भाग रहा है। उन्होंने कहा कि धन दौलत ज़रूरत के लिए है न कि ज़िदगी। हमें इसके पीछे सबकुछ छोड़कर नहींम भागना चाहिए। मुफ्ती ने कहा कि आज के दौर में लोगों को दौलत की बीमारी लग गई है। ये दीन के हर हुक्म के खिलाफ है।

मुफ्ती अब्दुल्लाह ने कहा कि लोगों की खिदमत करों ऐसा अल्लाह चाहता है। और ऐसा करने वाले को अल्लाह सुकून देता है। मुफ्ती ने कहा कि हमारे पैगेम्बर ने पूरी ज़िदगी लोगों की मदद की।

कार्यक्रम में होने वाली सभा की पहली कड़ी औरतों को इस्लामी शिक्षा और इस्लाह दी गई। औरतों के कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुफ्ती सलमान ने किया। उन्होंने अपने शुरूआती तकरीर में औरतों के धार्मिक और सामाजिक सुधार पर ज़ोर दिया।

मौलाना मुहम्मद सालिम कासमी यमनी संस्थापक मदरसा दारुस्सलेहीन महाराष्ट्र, मौलाना शफीक अहमद, और मौलाना महबूब आलम साहब कासमी शिक्षक मदरसा आदि ने अपने बयान में औरतों के धार्मिक सुधार और प्रशिक्षण की बातों को बताया।

छात्रों के कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के बुजुर्ग धर्मगुरू हजरत अक्दस मुफ्ती मोहम्मद अब्दुल्ला साहब फूलपूरी ने की। इस कार्यक्रम में छाक्षों ने बढ़ चढ़ भाग लिया। यह कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। छात्रों ने पूरे साल अपने शिक्षकों की देखरेख पर भाषण, लेखन क्षमता का आकर्षक नमूना पेश किया। इस भव्य कार्यक्रम में तिलावत कुरान, विभिन्न विषयों पर अरबी, उर्दू भाषण, संवाद आदि था, इस कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद महमूद, मोहम्मद नोमान लखीमपुर पुरी ने किया।

इस कार्यक्रम में तिलावत कुरान शब्बीर अहमद, मुजफ्फरपुर, भाषण अब्दुल करीम मंजीरपट्टी और विभिन्न प्रस्तुतियों के बीच बैतबाजी अरबी और फारसी के बच्चों ने पेश किया। भाषण प्रतियोगिता में अव्वल, दोयम और तीसरी जगह पर रहने वालों को इनाम दिया गया।