उलेमा कौंसिल ने आदित्यनाथ के दौरे का विरोध किया

आज़मगढ़, यूपी

दंगा प्रभावित ज़िले के खुदादादपुर, फरीदाबाद और दूसरे क्षेत्रों में गोरखपुर के सांसद ने दौरे का कार्यक्रम रखा है। राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने सांसद आदित्यनाथ के इस दौरे परा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि इससे आज़मगढ़ के हालात और खराब होंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी मदनी ने जारी एक बयान में कहा कि बीजेपी सांसद आदित्यनाथ नफरत की रोटियां सेंकने में माहिर हैं। अब जबकि ज़िले का माहौल शांति की तरफ है वह यहां आकर माहौल को खराब करने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि आदित्यनाथ को रोके। अगर प्रशासन ने उन्हें नहीं रोका तो उलेमा कौंसिल के कार्यकर्ता उन्हें ज़िले में घुसने नहीं देंगे।

मौलाना रशादी ने दंगा प्रभावित खुदादादपुर में बीजेपी सांसद नीलम सोनकर के पहुंचने पर सख्त ऐतराज़ जताया। उन्होंने कहा कि एडीजी के रहते बीजेपी सांसद कैसे गांव पहुंच गई। मौलाना रशादी ने कहा कि हमारी पार्टी के सभी कार्यकर्ता लोगों के साथ प्रशासन का शांति बनाए रखने में सहयोग कर रहें हैं।

मौलाना रशादी ने सपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ज़िले में सपा के 9 विधायक और आधा दर्जन मंत्री हैं। सपा मुखिया खुद यहीं से सांसद हैं। इसके बावजूद तीन दिन तक घटनाएं होती रहीं। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सपा का कोई विधायक, मंत्री वहां नहीं जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने बीजेपी के नेताओं को दौरा करने की खुली छूट दे रखी है। मौलाना रशादी ने कहा कि इससे साफ ज़ाहिर है कि सपा और बीजेपी की मिली भगत से ये सब हो रहा है।