बिहार में नफ़रत की राजनीति करने वालों को मिली हार: कौमी एकता दल

लखनऊ, यूपी

कौमी एकता दल की लखनऊ यूनिट की मासिक बैठक का आयोजन दारुल शफा में किया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के ज़िलाध्यक्ष डॉ शहज़ाद आलम ने की। बिहार में फिरकापरस्त ताकतों की हार और पेरिस में आतंकवादी हमला आज की बैठक का मुद्दा था।

बैठक को संबोधित करते हुए ज़िलाध्यक्ष डॉ शहज़ाद आलम ने कहा कि बिहार के चुनाव में बीजेपी बंटवारे की राजनीति कर रही थी। बीजेपी नेता मंच से जनता को भड़काने की पूरी कोशिश की। बीजेपी के लोग जनता में फूट डालकर अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे थे, लेकिन बिहार की जनता ने समझदारी और सूझ-बूझ का परिचय देते हुए बीजेपी की चालों को नाकाम कर दिया। यहीं नहीं बिहार की जनता ने पूरे देश को एक मैसेज भी दिया कि जो भी एकता की बात करेगा वहीं देश पर राज करेगा।

फ्रांस के पेरिस में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए शहज़ाद आलम ने कहा कि किसी भी मुल्क में या कही भी आतंकवादी घटना को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि आईएसआईएस जैसे संगठन आतंक का खेल खेल रहे हैं। वो देश और सरकारों को खुला चैलेंज कर रहे हैं। इस संगठन के पास धन और हथियारों की कमी नहीं है। सवाल ये है कि ऐसे खतरनाक आतंकी संगठन को धन और हथियार कौन मुहैया करा रहा है। शहज़ाद आलम ने कहा कि आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करना पड़ेगा।

बैठक को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि बिहार में मोदी जी ने खूब प्रचार किया उन्होंने दूसरे की तो कमियां खूब बताई लेकिन अपने 18 महीने के कार्यकाल में कौन सा काम किया ये नहीं बताया। अजय गुप्ता ने कहा कि बिहार की तरह यूपी की जनता भी जागरुक हो चुकी है, अब वह किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है।

बैठक का संचालन पश्चिम विधान सभा अध्यक्ष असगर अहमद ने किया। बैठक में मुख्य रूप से ज़िला महासचिव दयाशंकर पाण्डेय, ज़िला सचिव ए आर रहमान, मीडिया प्रभारी फुरकान ख़ान, शारिक अली, चन्दू, अमन खान, समीर खान, वार्ड अध्यक्ष दीपक यादव, प्रतीक सिंह, मो जावेद, सोनू निगम समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।