शायर वसीम बरेलवी MLC बने, सरकार ने मुस्लिमों को लुभाया

लखनऊ, यूपी

मशहूर उर्दू शायर वसीम बरेलवी को यूपी की अखिलेश सरकार ने एमएलसी नामित किया है। राज्यपाल राम नाईक ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद यानी एमएलसी की 6 खाली सीटों में 03 सदस्यों के नाम पर सहमती दे दी। इनमें दो और नाम कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, मधुकर जेटली के हैं।

शायर वसीम बरेलवी का पूरा नाम ज़हीर हसन हैं। वो बरेली के रहने वाले हैं। पिछले कई सालों से वो दिल्ली में रह रहे हैं। वसीम बरेलवी के रिटायर होने के बाद केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार ने उन्होंने कौमी फरोग बराए उर्दू ज़बान दिल्ली में उपाध्यक्ष बनाया था। केंद्र में बीजेपी की मोदी सरकार ने उनका कार्यकाल खत्म होने पर आगे नहीं बढ़ाया।

यूपी में सपा सरकार को लेकर मुसलमानों की नाराज़गी की बातें अकसर सामने आ रही है। इससे पहले 9 एमएलसी नामों में चार लोगों को राज्यपाल से नामित कर दिया था। ये चारों लोग सपा मुखिया के करीबी थे। इनमें एक भी नाम मुस्लिम का नहीं था। इसको लेकर भी मुस्लिमों का एक वर्ग खासा नाराज़ था।

कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। उनका मंत्री पद का कार्यकाल 29 अप्रैल को खत्म हो रहा था। ऐसे में अखिलेश सरकार ने फौरन उनके साथ दो और लोगों का नाम भेजा। इनमें शायर वसीम बरेलवी भी शामिल थे। उर्दू अदब में उनका जाना पहचाना नाम है लेकिन सपा को राजनीतिक रूप से इसका कितना लाभ मिलता है ये तो 2017 के चुनाव में ही पता चलेगा।