पीएनएस का असर: विधायक को पीटने वाला मंत्री सपा से बाहर

लखनऊ, यूपी

इसे कहते हैं पीएनएस की ख़बर का दमदार असर… उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में राज्यमंत्री पवन पांडेय को अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने मीडिया को बताया कि वन राज्य मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय को अनुशासनहीनता के आरोप में छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। उन्होंने बताया पवन पांडे ने 24 तारीख को सपा की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एमएलसी आशु मलिक से मारपीट की थी।

पीएनएस ने उठाया था मामला
पीएनएस ने इस खबर को लीड स्टोरी के तौर पर लिया था। पोर्टल पर ये खबर आते ही सैकड़ों लोगों ने शेयर किया और हज़ारों लोग इस खबर को अब तक देख चुके हैं। पीएनएस की ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। आशु मलिक के मुद्दे पर लोगों खास तौर पर मुसलमानों को ज़बरदस्त ऐतराज़ ज़ाहिर किया। पीएनएस की खबर के बाद समाजवादी पार्टी दबाव में आ गई।

पार्टी के नेताओं को लगने लगा कि अगर मारपीट करने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो मुसलमानों का एक बड़ा हिस्सा उनसे दूर हो जाएगा। यही वजह है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने मंत्री पवन पांडेय को पार्टी से ही बाहर कर दिया। पार्टी के एक सीनियर नेता ने पीएनएस को बताया कि पार्टी को इस खबर के बाद पार्टी के कई नेताओं ने हाईकमान को मुसलमानों में नाराज़गी की बात बताई थी।

क्या था मामला
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, सीएम अखिलेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव समेत पार्टी के करीब सभी नेताओं के सामने एमएलसी आशु मलिक के साथ मारपीट की गई थी। मारपीट करने वालों में यूथ ब्रिगेड के कई और नेता शामिल थे। पार्टी जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। आशु मलिक ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सीएम अखिलेश के करीबी हैं पवन पांडेय
वन राज्य मंत्री पवन पांडे सीएम अखिलेश यादव के करीबी मंत्री माने जाते हैं। सीएम अखिलेश मंगलवार को मंत्री पवन पांडेय से मुलाकात करके उनसे घटना के बारे में जानकारी ली थी। इस बीच, पवन पांडेय ने खुद पर लगे आरोपों को गलत करार देते हुए इसे साजिश का हिस्सा बताया है।

पवन पांडेय की सफाई
सपा से निकाले जाने के बाद पवन पांडेय ने बताया कि कागज पर लिखकर उन्हें सपा से भले निकाल दिया गया हो लेकिन उनके दिल में सपा, उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव और सीएम अखिलेश हमेशा रहेंगे। उन्हें बाहर निकाले जाने का ज़रा भी गम नहीं है। पांडेय ने कहा कि उन पर किसी साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए गए हैं। आशु मलिक ने थाने में तहरीर में घटना सीएम आवास के बाहर होना बताया है। उस जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उस दिन पूरा मीडिया सीएम आवास के बाहर जमा था। मंत्री पवन पांडेय ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है।

पवन पांडे को मंत्री पद छोड़ना होगा
प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने सीएम अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर राज्य मंत्री पवन पांडेय के खिलाफ कार्यवाही करने की गुज़ारिश की है। शिवपाल ने बताया समाजवादी पार्टी और परिवार में सब कुछ ठीक है और कहीं कोई मतभेद नहीं है।

कौन हैं पवन पांडेय
मंत्री पवन पांडे समाजवादी पार्टी के युवा नेता हैं। उन्होंने 2012 विधान सभा चुनावों में अयोध्‍या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में पांच बार के बीजेपी विधायक लल्लू सिंह को हराकर समाजवादी पार्टी को जीत दिलाई थी। 1991 के बाद पहली बार समाजवादी पार्टी यहां जीत सकी थी। इसी का इनाम अखिलेश यादव ने उन्हें मंत्री बनाकर दिया था।

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