सीएम अखिलेश के पंचम तल पर एक भी मुस्लिम अधिकारी नहीं: कांग्रेस

लखनऊ, यूपी

कांग्रेस पार्टी ने केन्द्र और राज्य सरकार पर एक साथ हमला बोला है। कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सिराज मेंहदी ने कहा है कि एक तरफ राज्य की अखिलेश सरकार मुसलमानों की हितैषी होने का दावा करती है दूसरी तरफ सीएम अखिलेश यादव के पंचम तल ऑफिस में एक भी मुसलमान अधिकारी नहीं है। सिराज मेंहदी ने कहा कि चाहे बीजेपी, बीएसपी या किसी की सरकार रही हो पंचम तल पर हमेशा मुस्लिम अधिकारी तैनात रहता था। ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई मुस्लिम अधिकारी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सीएम मुसलमानों की आवाज़ कैसे सुनते होंगे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन सिराज मेहदी ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर बुरी तरह से विफल साबित हुई हैं। इन दोनों सरकारों ने जो वादे किये थे उनमें से तमाम महत्वपूर्ण वादों को पूरा नहीं किया। इन सरकारों ने सीधे तौर पर जनता को धोखा दिया। उन्होंने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया है।

सिराज मेहदी ने कहा कि यूपी के सभी ज़िला मुख्यालयों पर कांग्रेस होर्डिंग लगाकर सरकार की पोल खोलेगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार ने उर्दू को दूसरी राष्ट्रभाषा घोषित नहीं किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने वादा किया था कि जेलों में जो बेगुनाह मुसलमान बंद हैं, उन्हें रिहा कर दिया जाएगा लेकिन सरकार के चार साल बीत जाने के बाद भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद आज़म खां चुप हैं और बेगुनाह मुसलमानों की ज़िन्दगी जेलों में कटी जा रही है।

सिराज मेंहदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से खराब है। हालात यह हैं कि पिछले चार साल में उत्तर प्रदेश में 350 पुलिसकर्मियों की ही हत्या हो गई। सिराज मेहदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केन्द्र दोनों ही अल्पसंख्यकों की तरफ से आँख मूंदे हुए हैं। अल्पसंख्यकों के कल्याण का उनके पास कोई कार्यक्रम नहीं है। कांग्रेस ने पकिस्तान हुकूमत के सामने जो चुनौतियाँ खडी की थीं उसे नरेन्द्र मोदी ने पकिस्तान के सामने झुककर ख़त्म कर दिया है। पीएम मोदी विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं और देश के विकास की उन्हें कोई चिंता नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मारूफ खान ने इस मौके पर कहा कि पिछले साल केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए 2700 करोड़ का बजट बनाया था जिसे इस साल घटाकर 400 करोड़ कर दिया गया। अल्पसंख्यकों के बजट से 2300 करोड़ रुपये घटा दिया जाना बहुत गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यही हाल उत्तर प्रदेश का भी है। उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यकों के बजट के लिए पास धन में से 43 फीसदी ही खर्च किया गया। शेष 57 फीसदी वापस हो गया।