शराब की जगह सत्ता का नशा खत्म करें नीतीश: शाहनवाज़ हुसैन

लखनऊ, यूपी

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के वाराणसी और लखनऊ के कार्यक्रमों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नीतीश का खुद का घर संभल नहीं रहा है, पड़ोसी की चिंता में दुबले हो रहे हैं। हत्या, अत्याचार से बिहार कराह रहा है। पत्रकार की हत्या हो रही है। उम्मीद थी कि नीतीश ऐसी घटनाओं का जायजा लेने गया और बक्सर जाएंगे लेकिन वह नहीं गए।

शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि यूपी और बिहार के बीच अपराध में प्रतिस्पर्धा हो रही है। नीतीश के शराबबंदी से जुड़ी पहल पर बोले, उनकी पहल भाषण तक अटक गई है। शराबबंदी तो कर दी लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि अपराधबंदी कब होगी? बीजेपी विधानसभा चुनाव में शराबबंदी को मुद्दा बनाएगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि बीजेपी की मेनिफेस्टो कमेटी तय करेगी कि कौन सी बात एजेंडे में शामिल की जाए। घोषणापत्र के लिए एक प्रक्रिया है, उसी हिसाब से सब तय होगा।

दिल्ली नगर निगम चुनाव पर शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद जैसा माहौल बनाया गया था, वह मायाजाल टूट गया है। उनकी पार्टी को आंशिक सफलता मिली है। पर, आप को करारा झटका लगा है। शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि जमीन पर असली लड़ाई यूपी में है। दावा किया कि यूपी में भाजपा के पक्ष में अभी से माहौल है। यूपी में इस बार कमल खिलेगा।

बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब शाहनवाज ने बीजेपी के दलित एजेंडे को धार दी। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में दलित समाज के साथ अन्याय हो रहा है। पुलिस की मौजूदगी में दलितों के उत्पीड़न और अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि सूबे में सपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अपनी नाकामियां छिपाने के लिए सपा सांप्रदायिक आधार पर प्रदेश को बांटना चाह रही है।

शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि यूपी में शानदार बहुमत से सत्ता में आई सपा लोगों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। लोग निराश हैं। सपा ने न तो वादे पूरे किए और न विकास कर सकी। बिजली के लिए लोग तरस रहे हैं। कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। बीजेपी के नेता पीड़ितों का हालचाल लेने जा रहे हैं तो उन्हें रोका जा रहा है। यह कतई स्वीकार्य नहीं है।