ज्ञानवापी वजूखाना सील होने से नमाजियों और मछलियों को हो रही दिक्कत, सरकारी वकील ने याचिका दायर कर की ये मांग

वाराणसी. ज्ञानवापी मस्जिद- श्रृंगार गौरी परिसर सर्वे मामले में मंगलवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया जब जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने वाराणसी सिविल कोर्ट में एक और याचिका दाखिल कर मानवीय आधार पर सीनियर डिवीज़न जज रवि कुमार दिवाकर का ध्यान आकृष्ट करने का अनुरोध किया. जिला शासकीय अधिवक्ता ने शिवलिंग वाली जगह सील किये जाने के मामले में तीन बिंदुओं पर नए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति करते हुए जांच की मांग की है.

वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि शासन के वकील महेंद्र प्रताप की ओर से सिविल जज रवि दिवाकर के समक्ष एक याचिका पेश की गई है, जिसमें तीन बिंदुओं पर जज का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. नित्यानंद राय ने बताया कि याचिका में मांग की गई है कि जिस जगह को सील किया गया है उस जगह पर लोग नमाज़ पढ़ने से पहले वजू करते है और वहां चारों तरफ नल लगे हैं. जगह सील होने से नमाजियों को दिक्कत होगी. लिहाजा इन नलों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की इजाजत दी जाए. इतना ही नहीं सील किए हुए परिसर में ही शौचालय भी है. सील होने की वजह से शौचालय भी बंद हो गया है, जिससे नमाजियों को दिक्कत होगी. लिहाजा इस पर भी अदालत को विचार करना चाहिए. इसके अलावा मानव निर्मित तालाब के पानी में मछलियां भी हैं, सील करने की वजह से उनके जीवन को भी खतरा है.

2 बजे हो सकती है सुनवाई
वरिष्ठ अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि जिला शासकीय अधिवक्ता ने मानवीय आधार पर कोर्ट से आग्रह किया है कि इन तीन बिंदुओं की नए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति करते हुए जांच करवाई जाए और शौचालय व वजूखाने में लगे नलों को शिफ्ट किया जाए. साथ तालाब में मौजूद मछलियों की जिंदगी बचाने के लिए भी कोई व्यवस्था की जाए. उम्मीद जताई जा रही है कि 2 बजे इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है. गौरतलब है कि सोमवार को हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन की याचिका पर सिविल जज ने शिवलिंग मिलने के दावे वाली जगह को सील करने का आदेश दिया था.