आबिद आज़मी को खराज-ए-अक़ीदत पेश की गई

लखनऊ, यूपी

ज़िले की मारूफ और मकबूल शख्सियत, सामाजिक और राष्ट्रहित कार्यों में हर वक्त तैयार रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता आबिद अली आज़मी का शुक्रवार को निधन हो गया। समाज के लिए इनके कामों को देखते हुए तरक्की फाउंडेशन और यूनाईटेड मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन ने मरहूम आबिद की याद में ताजयाती जलसे का आयोजन किया। इसका मौज़ू “एक शाम आबिद अली आज़मी की यादों के नाम’ था।

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जलसे की सदारत पूर्व आइएएस अनीस अंसारी ने की। सबसे पहले उन्होंने मरहूम आबिद आज़मी को खराज-ए-अक़ीदत पेश की। अनीस अंसारी ने कहा कि मरहूम आबिद आज़मी ने हमेशा गरीबों और ज़रूरतमंदों की दिल खोलकर मदद की। वो सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। हमें उनकी इस सामाजिक ज़िम्मेदारियों को निभाने की कला से सबक लेना चाहिए।

बैठक में मौजूद यूनाईटेड मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन के सचिव तारिक़ सिद्दीकी ने कहा कि मरहूम आबिद आज़मी कौमी यकजहती को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा लगे रहते थे। वो हर साल दो कार्यक्रम करते थे। “आओ जाने होली क्या है” और “राष्ट्रीय रक्षा बंधन” नाम से होने वाले कार्यक्रम में शहर के हर तबके के लोग शामिल होते थे।

तरक्की फाउंडेशन के अध्यक्ष मो यूसुफ ख़ान ने कहा कि मरहूम आबिद अली आज़मी स्टेट तकमिल उत्तिब यूनानी मेडिकल कॉलेज के चीफ फार्मासिस्ट थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके बच्चों को उनकी जगह अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए।

जलसे की निज़ामत मोहम्मद खालिद ने की। उन्होंने मरहूम आबिद आज़मी को खराज-ए-अकीदत पेश की और उनकी मगफिरत की दुआ मांगी। इस मौके पर यूपी कांग्रेस कमेटी के संगठन मंत्री रेहान खालिद, कमेटी के पूर्व सचिव नसीब खान, राज़िक वदूद, अमन शमशी, तौकीर सिद्दीकी, फारूक सिद्दीकी समेत कई लोग मौजूद थे।