कश्मीर के विधायक पर दिल्ली में स्याही फेंकी गई

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर के निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद के एक संवाददाता सम्मेलन में यहां उस वक्त गुंडागर्दी देखने को मिली, जब कथित तौर पर एक दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन हिंदू सेना से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विधायक के चेहरे पर पेंट, स्याही और मोबिल ऑयल पोत दिया। इस महीने के शुरुआत में श्रीनगर में विधायक शेख राशिद ने गोमांस दावत दी थी।

शेख राशिद ने जम्मू के उधमपुर में दो ट्रक चालकों पर हुए हमले को लेकर संवाददाता सम्मेलन के लिए यहां प्रेस क्लब में पत्रकारों को बुलाया था। ट्रक हमले के पीड़ितों में शामिल 19 वर्षीय ज़ाहिद की सुबह सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी।

शेख राशिद ने जैसे ही अपना संवाददाता सम्मेलन खत्म किया, उन्हें प्रेस क्लब के गेट पर कुछ टीवी पत्रकारों ने एक-एक कर साक्षात्कार के लिए घेर लिया। उसी समय कुछ कार्यकर्ता ‘गौ माता का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ का नारा लगाते हुए उन पर टूट पड़े और उनके चेहरे पर काला रंग, मोबील आयल तथा नीली स्याही पोत दी।

इस दौरान टीवी पत्रकारों और पुलिसकर्मियों के चेहरों और कपड़ों पर भी रंग लग गए, जब वे विधायक को भीड़ से बचाने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संसद मार्ग थाना ले जाया गया जबकि विधायक शेख राशिद को छुपकर प्रेस क्लब में शरण लेनी पड़ी।

विधायक शेख राशिद ने हमले के बाद कहा कि वे लोग मानसिक रूप से बीमार हैं। मैं चाहता हूं कि पूरी दुनिया यह देखे कि ये लोग किस तरह से कश्मीरियों की आवाज़ दबाना चाहते हैं। घटना के के बाद जम्मू-कश्मीर के सीएम मुफ्ती मुहम्मद सईद ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि एक के बाद एक ऐसी अप्रिय घटनाएं होना बहुत परेशान करने वाला है। वहीं, पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि असिहष्णुता का यह वातावरण और हिंसा बहुत चिंताजनक है।

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि इंजीनियर शेख राशिद पर हमला बरदास्त करने वाला नहीं है और हम इसकी सख्त निंदा करते हैं। असिहष्णुता और हिंसा का यह वातावरण बहुत चिंताजनक है। सीपीआई विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और स्वतंत्र रूप से बोलने के लोगों के मानवाधिकार का उल्लंघन है। हम किस ओर जा रहे हैं?

इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ विधायक शेख राशिद को प्रेस क्लब के बाहर ले जाया गया। शेख राशिद अपने कुछ समर्थकों के साथ चाणक्यपुरी में जम्मू कश्मीर भवन के बाहर धरने पर बैठ गए और रेस कोर्स रोड स्थित पीएम आवास जाने देने की इजाज़त मांगने लगे। विधायक राशिद ने श्रीनगर के एमएलए हॉस्टल में अपने द्वारा दी गई गोमांस की दावत के बारे में संवाददाता सम्मेलन में बोला था जिसके बाद आज की घटना हुई।

लोगों की भावनाएं आहत करने के बारे में पूछे जाने पर विधायक राशिद ने कहा कि मैं गोमांस, बकरे या मुर्गे का मांस नहीं खाता लेकिन वह अधिकारियों को यह बताने के लिए विरोध का एक तरीका है कि किसी के धर्म में दखलदंजी ना करें। उन्होंने उधमपुर घटना को लेकर पीएम नरेन्द्र मोदी से माफी मांगे जाने की मांग की।

इंजीनियर राशिद पिछले दिनों तब चर्चा में आए जब उन्होंने गोमांस पर जारी विवाद के बीच बीफ पार्टी आयोजित करने का एलान किया था। इससे पहले मुंबई में बीजेपी के पूर्व नेता सुधींद्र कुलकर्णी पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने काली स्याही फेंकी थी। कुलकर्णी ने मुंबई में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी की किताब का विमोचन कराया, जिसका शिव सैनिक विरोध कर रहे थे।