नूपुर शर्मा और पैगंबर को लेकर व्लादिमीर पुतिन ने भारत को सलाह दी है?

पैगंबर मोहम्मद को लेकर बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के बाद विवाद जारी है। बता दें कि इस्लाम और पैगंबर को लेकर नूपुर ने ऐसा कुछ विवादित कह दिया था कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बयान वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है कि पुतिन ने भारत सरकार से पैगंबर मोहम्मद पर दी गई विवादित कमेंट पर नाराजगी जाहिर की है।

मोहम्मद का अपमान धार्मिक आजादी का उल्लंघन है, बोले पुतिन?

सोशल मीडिया साइट्स पर पुतिन का एक बयान वायरल है। इसमें कहा जा रहा है कि पुतिन ने कहा है कि पैगंबर मोहम्मद का अपमान धार्मिक आजादी का उल्लंघन है और इस्लाम को मानने वाले लोगों की पवित्र भावनाओं को चोट पहुंचाता है। इन पोस्ट्स को पुतिन द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान के तौर पर शेयर किया जा रहा है। इस तरह के कई पोस्ट कई पेज से शेयर किए गए हैं।

 

सोशल मीडिया साइट्स पर वायरल है पुतिन का बयान

इस तरह के पोस्ट ट्विटर और फेसबुक पर वायरल हैं। कई नेताओं ने भी ये पोस्ट शेयर किए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस से जुड़े तमिलनाडु के नेता जे असलम बाशा भी हैं। उन्होंने पुतिन के इस बयान को ट्वीट किया है और इसे भारत से जोड़ा है। हालांकि सच ये है कि पुतिन ने भारत के संबंध में इस्लाम और पैगंबर को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। इस तरह के पोस्ट भ्रामक हैं और उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।

पुतिन ने इस्लाम को लेकर कब क्या कहा है?

टास रूसी सरकारी न्यूज एजेंसी है। 23 दिसंबर 2021 की टास की एक रिपोर्ट बताती है कि पुतिन ने सालाना समाचार सम्मेलन में कहा था कि पैगंबर मोहम्मद का अपमान धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है और इस्लाम को मानने वाले लोगों की पवित्र भावनाओं को चोट पहुंचाता है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पुतिन का यह बयान फ्रांस के शार्ली हेब्दो और इस्लाम विवाद को लेकर आया था।

मतलब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब तक नूपुर शर्मा और इस्लाम विवाद को लेकर कोई प्रतिक्रया नहीं दी है। उनके पुराने बयान और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ पुराने तस्वीर का इस्तेमाल कर नूपुर शर्मा के विवादित बयान से जोड़ा जा रहा है।