हज यात्रियों ने शैतान को पत्थर मारने के बाद तवाफ और सई किया

मक्का, सऊदी अरब

जुबल अल रहम यानी अराफात की पहाड़ी पर एक दिन बिताने के बाद डेढ़ लाख भारतीयों समेत लाखों मुस्लिम हज यात्री रात में मुज़दलफा में रुके और सुबह मीना शहर की ओर लौट आए। यहां वे हज के दौरान शैतान को पत्थर मारने की रस्म अदा की। मुजदलफा कस्बे से रात में लौटने के दौरान इकट्ठा किए गए पत्थर के साथ हज यात्रियों के जत्थे आज सुबह मीना शहर पहुंचना शुरू हो गए। अपने शिविरों की ओर जा रहे लोगों के कारण शहर की सड़कों पर भारी जाम लगा रहा।

हाजियों की विशाल भीड़ ने शैतान के प्रतीक माने जाने वाले खंभों पर पत्थर मारे। यह रस्म अगले दो दिनों तक जारी रहेगी जबकि हज यात्री अपनी यात्रा पूरी करेंगे। इसके बाद हज यात्री काबा शरीफ का तवाफ और सफा और मरवा पहाड़ियों के बीच सई की। सई करने के बाद कुर्बानी के अरकान अदा की गई। इसके बाद हाजियों ने अपने बाल कटाए। इसके बाद अहराम को उतार दिया। आज सऊदी अरब में ईद-उल-अज़हा मनाई गई। हाजियों ने भी अपने साथ लाए नए कपड़े पहने और एक दूसरे को मुबारकबाद दी।

पैगंबर इब्राहिम द्वारा अल्लाह के नाम पर अपने बेटे इस्माइल के कुर्बानी की याद में आज कुर्बानी दी जाती है। दुनिया के कई देशों में मुसलमानों ने आज ईद-उल-अज़हा का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया। पांच दिवसीय हज यात्रा की शुरुआत 10 सितंबर को हुई थी। इसमें हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लाखों हज यात्री मक्का पहुंचे हैं। इस साल भारत से करीब 1.7 लाख हज यात्री यहां आए हैं।

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