नेता अपना, पार्टी अपनी और वोट लालू-नितीश, माया-मुलायम को

सामाजिक कार्यकर्ता तनवीर आलम की फेसबुक वाल से

मुंबई, महाराष्ट्र
बहुत सारे समर्थक मित्र कहते हैं तनवीर भाई, MIM ज्वाइन कर लो, अपनी पार्टी है, आप जैसे ‘Fire Brand’ नेता की वहां ज़रुरत है। ये बताइए… जिन बेचारे पढ़े लिखे लौंडों ने ज्वाइन किया, कम्युनिटी ने क्या दिया उनको ? घंटा। वोट दो लालू-नितीश, माया-मुलायम को, और ‘अपनी पार्टी’ बोलो MIM को। चु—– समझा है क्या ?

फिर कह रहा हूँ, जब समाज नेतृत्व पैदा करता है तो नेता समाज का पाबन्द रहता है। आँख में पानी होता है। जब धन-बल नेता बनाएगा तो वो आपका क्यों पाबंद रहेगा। मैं 24 घंटे आपकी ग़ुलामी करूँ, और अपने बच्चों का हक़ मारकर तुम्हें दारू पिलाकर नेता बनूं, क्यों भाई? और दारु पिलाऊँगा, मटन खिलाऊंगा तो उसका हिसाब नहीं रखूँगा क्या ? लूंगा न वापस। क्या कोई मशीन होती है नेता के पास रुपया छापने का, जो मुंह उठाकर ‘माल-पानी’ वाला कैंडिडेट खोजते हो। माल पानी वाला नेता भी चाहिए और अपनी पार्टी भी… हाहहाहा। हद है भाई, धन्य हो।

अतः आप अगर वाक़ई ‘X’ को ही अपना नेता मानते हो तो ‘आप’ की तरह 15 लाख में नेता जिताने का सोचो? जिसके अंदर भी नेतागीरी की खुजली होगी वो इतना हँसते हँसते इंतज़ाम कर लेगा। नहीं तो आपलोग अपना खर्च देकर चुनाव लड़ाओ और सवार होकर काम कराओ। MIM हो या लीग, फिर जहाँ कहो वहां जाने को तैयार होंगे लोग। खाली फ़ोकट झाड़ पर न चढ़ाया करो, बहुत लोग को राजनीतिक आत्महत्या करते देखा है।

अंत में, सब अगर नेता को ही करना है न तब आपके मशविरे की उसको ज़रुरत नहीं। मोदी जी भी PR एजेंसी रखकर प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

आपका-

तनवीर आलम समाजवादी विचारकसमाजसेवी और अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संगठन महाराष्ट्रमुम्बई के अध्यक्ष हैं।
मोबाइल- 09004955775