कांग्रेस का मिशन 2024 प्लान : ब्राह्मण और मुस्लिम के जरिए समीकरण साधने की कोशिश

कांग्रेस ने राज्यसभा उम्मीदवारों के बहाने यूपी में मिशन 2024 को साधने की कोशिश की है। यूपी विधान सभा चुनाव में केवल दो सीट पाने वाली कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए यूपी के तीन नेताओं को चुना है।

पार्टी के दो प्रमुख ब्राह्मण चेहरों और एक मुस्लिम नेता को दूसरे राज्यों से राज्यसभा में भेजने की क़वायद कर मिशन- 2024 में मुस्लिम के साथ ही ब्राह्मण समाज को आत्मसात करने की कोशिश की गई है।

प्रमोद तिवारी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। उनके नाम नौ बार एक ही पार्टी से लगातार विधायक रहने का रिकॉर्ड भी है। वह नौ वर्षों तक मंत्री भी रहे। भाजपा की आंधी में भी उनकी रणनीति से उनकी बेटी आराधना मिश्र मोना लगातार विधायक बन रहीं हैं। ये उनका अपना व्यवहार कौशल ही है कि 2013 में प्रमोद तिवारी सपा के सहयोग से राज्यसभा गए थे। । अब उन्हें दोबारा राजस्थान से राज्यसभा भेजने की तैयारी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की गिनती पार्टी के दिग्गज नेता और बेहतर प्रबंधक के रूप में होती है। पत्रकारिता से राजनीति में आए शुक्ला मनमोहन सरकार में मंत्री भी रहे हैं। वर्ष 2000 में वह पहली बार अखिल भारतीय लोकतान्त्रिक पार्टी से महाराष्ट्र से राज्यसभा पहुंचे थे। राजीव शुक्ला को छत्तीसगढ़ से उच्च सदन भेजे जाने की तैयारी है।

मुस्लिम समाज को भी संदेश 

इमरान प्रतापगढ़ी को राज्यसभा भेज कर पार्टी अपने मूल वोटर को सहेजना चाहती है। इमरान मूलता शायर हैं लेकिन सियासी तीर ज्यादा बेहतर चलाते हैं। वह भारतीय कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन हैं। 2019 में उन्होंने मुरादाबाद से पहला लोकसभा चुनाव लडा था लेकिन हर गए। बाद में पार्टी में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अल्पसंख्यक विभाग की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें महाराष्ट्र से भेजने की तैयारी है।