गिरफ्तार 13 नौजवानों में 10 बेकसूर मुस्लिमों को छोड़ा

नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जैश का सदस्य बताकर 13 मुस्लिम नौजवानों को गिरफ्तार किया था, उनमें से पुलिस ने 6 लड़कों को छोड़ दिया है। इससे पहले 4 लड़कों को छोड़ा गया था। पुलिस ने सभी पर जैश मोहम्मद से सम्बन्ध होने का इलज़ाम लगाया था। पुलिस ने इन सभी से हर दिन अपने परिवार के साथ सेल के ऑफिस आने को कहा है।

दरअसल इन 13 मुस्लिम नौजवानों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ये इश्यू जोरदार तरीके से उठा। मीडिया में सक्रिय कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए इस मामले को उठाया। ये मुद्दा ट्रेंड में आ गया। इसके बाद सरकार सक्रिय हो गई। दूसरी तरफ प्रिंट और टीवी मीडिया ने गिरफ्तार इन मुस्लिम नौजवानों को आतंकवादी कह कर प्रचारित किया गया था लेकिन पुलिस को मजबूरन सोशल मीडिया पर अपनी किरकरी के बाद इनको छोड़ना पड़ा।

इस मुद्दे पर कई मुस्लिम नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला और दिल्ली पुलिस को भी आडे हाथो लिया था। मुस्लिम नेताओं में जमीअत उलमा-ए-हिदं के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मामले की तफ्तीश शुरू की और इसमें मुस्लिम नौजवानों की जिंदगी को बचाने के लिए कुद पड़े और उनकी कोशिश रंग लाई।

अब बचे तीन नौजवानों की रिहाई के लिए कई लोग संघर्ष कर रहे हैं। मालूम हो कि इससे पहले कई मामलों में गिरफ्तार मुसलमान कोर्ट से लगातार रिहा किए जा रहे हैं। चाहे वो मालेगांव हो या फिर अक्षरधाम। जमीअत लगातार इन लोगों के केस लड़ रहा है। शायद यही वजह रही कि इस बार जब पुलिस ने बिना किसी सबूत के गिरफ्तारी की तो लोगों का गुस्सा फूट गया।