दंगे में घायल लोगों से मिले एमआईएम के प्रदेश संयोजक

आज़मगढ, यूपी

पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के निर्देश पर एमआईएम के प्रदेश संयोजक शौकत अली ने दंगे में घायल लोगों से मुलाकात की। वह शहर के लाइफ लाइन अस्पताल गए और भर्ती मोहसिन से मुलाकात की। घायल की बीबी ने बताया कि अभी तक न तो उनसे कोई मिलने आया है और न ही उन्हें किसी तरह की मदद मिली है। उनके साथ आज़मगढ़ यूनिट के अध्यक्ष कलीम जामई समेत पार्टी के कई कार्यकर्ता थे।

शौकत अली दंगा प्रभावित गांव खुदादादपुर जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। काफी देर बातचीत के बाद उन्हें शहर के अस्पताल जाने की इज़ाजत मिली। पीएनएस से बातचीत में शौकत अली ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी निर्देश पर दंगा प्रभावित गांव और अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलना जाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि वह आज़मगढ़ दंगे की पूरी रिपोर्ट एक दिन में पार्टी अध्यक्ष को भेजेंगे।

शौकत अली ने पीएनएस से कहा कि एमआईएम ने निजामाबाद, बरदह और सरायमीर में 6 लोगों की तरफ से मुकदमें दर्ज कराएं हैं। इनमें कमरांवा के रहने वाले मदरसा इस्लाह के छात्र उमर को दंगाइयों ने सारयमीर नंदाव मोड़ पर मारापीटा था। वहीं निजामाबाद के नफीस खान जो अपने घर जा रहे थे दंगाइयों की भीड़ ने इन्हें भी मारापीटा था। इनके मुकदमे एमआईएम के दबाव में दर्ज किए गए।

शौकत अली ने कहा कि अभी कुछ दिनों पहले होली के मौके पर भी दंगा भड़काने की कोशिश की गई थी लेकिन एमआईएम की ज़िले की यूनिट में प्रशासन के सहयोग से मामला शांत कराया था। उसके बावजूद पार्टी के ज़िलाध्यक्ष कलीम जामई के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि फिर से दंगा हो गया। शौकत अली ने आशंका जताई कि सपा सरकार के दबाव में प्रशासन दोबारा एमआईएम के लोगों पर मुकदमा दर्ज करा सकता है।

सपा सरकार पर कड़ा हमला करते हुए शौकत अली ने कहा कि सपा के विधायक और नेता दंगों के लिए एमआईएम और बीएसपी पर इल्ज़ाम लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी है, पुलिस किसके इशारे पर काम कर रही है। दूसरी तरफ सपा के विधायक या मंत्री आज तक न तो दंगे के प्रभावितों से मिले और न ही गांव का दौरा किया। शौकत अली ने कहा कि सपा के कार्यकाल में 638 जगहों पर दंगे हुए और इसमें सबसे ज़्यादा मुसलमानों, दलितों का नुकसान हुआ।