अमीर-ए-शरीयत मौलाना सैयद निज़ामुद्दीन सिपुर्द-ए-ख़ाक

फ़ैसल रहमानी

गया, बिहार

मशहूर और मारूफ इस्लामी शख्सियत और इमारत-ए-शरिया- बिहार, झारखंड और ओडिशा के अमीर हज़रत मौलाना सैयद निज़ामुद्दीन साहब का 88 साल की उम्र में इंतक़ाल हो गया (इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन)। मौलाना सैयद निज़ामुद्दीन की नमाज़-ए-जनाज़ा इतवार को बाद नमाज़ ज़ोहर अदा की गई। नमाज़-ए-जनाज़ा हज़रत मौलाना वली रहमानी ने अदा कराई। मौलाना निज़ामुद्दीन को हाजी हरमैन क़ब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। सुपुर्द-ए-ख़ाक के वक्त हज़ारों लोग मौजूद थे।

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अमीर-ए-शरीयत मौलाना सैयद निज़ामुद्दीन पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज चल रहा था। उनकी मौत की खबर सुनते ही लोगों का हुजूम इमारत-ए-शरिया, फुलवारी शरीफ़ के साथ-साथ उनके घर पर पहुंचने लगा था। अमीर-ए-शरीयत न सिर्फ हिंदुस्तान में बल्कि विदेशों में भी मशहूर थे। हिंदुस्तान के कई शहरों में उनके चाहने वाले थे। लोगों ने उनकी मौत पर रंज-ओ-गम का इज़हार किया।

अमीर-ए-शरीयत की मौत की खबर सुनते ही इमारत-ए-शरिया के नाज़िम मौलाना जनाब अनीसुर रहमान, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, राजद के प्रदेश महासचिव सलाउद्दीन मंसूरी, फुलवारीशरीफ नगर परिषद के तमाम वार्ड पार्षदों ने शोक जताया। इसके साथ ही बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में भी लोगों ने उनकी मौक पर ग़म का इज़हार किया।

हज़रत मौलाना निज़ामुद्दीन बिहार के ही नहीं बल्कि देश के विख्यात आलिम-ए-दीन थे। वह मुसलमानों की रहनुमाई करने वाली ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव भी थे।

मौलाना निज़ामुद्दीन की ज़िंदगी
अमीर-ए-शरीयत मौलाना निज़ामुद्दीन का जन्म 1927 में हुआ था। वह 1999 में इमारत-ए-शरिया के अमीर चुने गये थे। इमारत-ए-शरिया बिहार, झारखंड और ओडिशा में मुसलमानों में शिक्षा, सामाजिक सौहार्द्र और भाईचारे पर काम करने वाली विख्यात संस्था है। मौलाना निज़ामुद्दीन इस संस्था के अमीर यानी प्रमुख थे। इसके साथ ही रिश्ते में वह मेरे चाचा थे। मौलाना निज़ामुद्दीन साहब का ताल्लुक़ झारखंड के चतरा ज़िले के घोरीघाट गांव से था। उनके परिवार के लोग गया में भी रहते हैं। अपने पीछे 6 बेटियों और 3 बेटों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये। गांव में उनके इंतक़ाल की खबर से रंज-ओ-ग़म का माहौल हो गया। लोग अपने आप को यतीम तक कहने लगे। लोगों ने कहा कि मौलाना के विसाल से आलम-ए-दीन का बहुत बड़ा सतून ढह गया।

लालू प्रसाद ने जताया शोक
आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने फुलवारी शरीफ इमारत-ए-शरिया के अमीर-ए-शरीयत हजरत मौलाना सैयद निज़ामुद्दीन के असामयिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। लालू प्रसाद ने सुबह फुलवारी शरीफ जाकर मौलाना के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। अपने शोक संदेश में लालू प्रसाद ने कहा कि मौलाना साहब नेक दिल इंसान थे। उनकी मौत से वह मर्माहत हैं। शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व सीएम राबड़ी देवी, राजद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे, अब्दुल बारी सिद्दीकी, तनवीर हसन, मुंद्रिका सिंह यादव, इलियास हुसैन, कांति सिंह, श्री भोला यादव, मीसा भारती, तेजप्रताप यादव, तेजस्वी प्रसाद, मनोज झा, चितरंजन गगन, प्रगति मेहता और चंदेश्वर प्रसाद सिंह समेत कई नेता शामिल हैं।